हिन्दी साहित्य की रचनाओं का हिन्दी वेब ब्लॉग

June 2014
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस अटल बिहारी वाजपेयी अमर उजाला अशोक वाजपेयी इतिहास इसरो एक साल ओसामा मंजर कविता कहानी कैलाश वाजपेयी क्षुद्रग्रह गोपालदास 'नीरज' जन्म दिवस जयप्रकाश भारती जयशंकर प्रसाद जल संकट जानकारी ज्ञानेन्द्र रावत टिप्पणी डॉ . हरिवंश राय 'बच्चन' डॉ. रवींद्र चतुर्वेदी तरुण विजय तीज-त्यौहार त्रिलोचन दीपावली नमस्कार नरेंद्र मोदी नववर्ष निबन्ध नेताजी सुभाष चंद्र बोस नेताजी सुभाषचंद्र बोस पत्र प्रधानमंत्री प्रभा मजूमदार प्रयाग शुक्ल प्रेरक प्रसंग प्रेरक-प्रसंग प्रेरणादायक लेख बॉक्सिंग डे भगत सिंह भगवान बुद्ध भाई दूज भारत भारतेन्दु हरिश्चन्द्र मंगलयान मनोज बाजपेयी महादेवी वर्मा मार्स ऑर्बिटर मिशन मास्टर रामकुमार मुकेश पाण्डेय 'चन्दन' मैथिलीशरण गुप्त यश राजीव कटारा राजीव सक्सेना रामधारी सिंह 'दिनकर' राममोहन पाठक रिपोर्ताज लेख लोहड़ी विदेशी अखबार से विनोबा भावे विशेष विश्व हिंदी सम्मेलन विश्व हिन्दी दिवस विश्व हिन्दी दिवस सप्ताह सम्मेलन-2016 वैज्ञानिक लेख व्यंग्य शुभारंभ संकल्प संपादकीय संस्मरण सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' समाज साभार सामान्य ज्ञान सियारामशरण गुप्त सुमित्रानन्दन पन्त सूर्यकान्त त्रिपाठी ' निराला ' स्वागत हर्ष हिन्दी हिन्दी चिट्ठा हिन्दी दिवस हिन्दुस्तान दैनिक हिन्दुस्तान संपादकीय हूबनाथ हेमेन्द्र मिश्र

वह आता 
दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता। 
पेट - पीठ दोनों मिलकर हैं एक 
चल रहा लकुटिया टेक 
मुट्ठी भर दाने को भूख मिटाने को 
मुँह फटी पुरानी झोली का फैलता 
दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता। 
साथ दो बच्चे भी हैं सदा हाथ फैलाये 
बायें से वे मलते हुए पेट को चलते 
और दाहिना दया - दृष्टि पाने की ओर बढ़ाये। 
भूख से सूख ओठ जब जाते 
दाता - भाग्यविधाता से क्या पाते। 
घूँट आँसुओं के पीकर रह जाते। 



कविवर सूर्यकान्त त्रिपाठी ' निराला '

सूर्यकान्त त्रिपाठी ' निराला '
( सूर्यकान्त त्रिपाठी ' निराला ' का हिन्दी साहित्य में एक महत्वपूर्ण तथा विशेष स्थान है। निराला जी ने हिन्दी की गद्य तथा पद्य दोनों विधाओं में अनेक रचनाएँ लिखीं। निराला जी की काव्यकला का उत्कृष्ट स्वरूप " परिमल " काव्य - संग्रह में मिलता है। प्रस्तुत कविता ' भिक्षुक ' उसी से ली गयी है। समाज के पीड़ितों, दुःखी, दीन - दलितों के प्रति उनका हृदय विशेष संवेदनशील था। उसकी झलक इस कविता में स्पष्टत: दिखायी पड़ती है। ) 

नमस्कार,,, दोस्तों आज से हिन्दी चिट्ठा  नामक ये ब्लॉग पोर्टल शुरू हो रहा है। उम्मीद है कि ये इंटरनेट पर हिन्दी भाषा के विकास में अपना सहयोग अवश्य देगा। इस ब्लॉग पोर्टल पर सभी पाठक अपनी हिन्दी रचनाएँ जैसे :- कहानी - लेख, निबन्ध, नाटक, संस्मरण, यात्रा - वृतांत, आत्मकथा, जीवनी, प्रेरक - प्रसंग, कविता, किस्से - गीत, गजल, हाइकू आदि भेज सकते है। आप अपनी रचनाएँ :- hchittha@gmail.com पर भेज सकते है।  सादर।।




  

बनारसी साड़ियाँ खरीदें केवल - Laethnic.com/sarees

योगदानकर्ता

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget