हिन्दी साहित्य की रचनाओं का हिन्दी वेब ब्लॉग

इस प्रसंग के कारण लोहड़ी का त्यौहार मनाया जाता है।

ये घटना प्रेम और भाईचारे का प्रतीक बन गई कि दुल्ले ने अपनी बहन की शादी में जान तक दे दी। इस प्रसंग के उपलक्ष्य में ही लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है।

बादशाह अकबर के जमाने में 'दुल्ला भट्टी' नाम का एक मशहूर डाकू था। वह अमीरों को लूटता था और जरूरतमंदों की मदद करता था। अकबर के सैनिक इसे पकड़ने में असफल रहे क्योंकि लोग उसे छिपा लेते थे। एक बार वह एक गरीब परिवार की 'सुन्दर मुंदरिये' नामक लड़की की शादी में भाई बन कर आया। अपने साथ ढेरों शादी के साजो सामान, चन्नियां, कपड़े जेवरात भी लाया। सौ मन शक्कर भी लाया। इधर मुगल सैनिकों को उसके बारे में पता लगा गया था लड़की की विदाई के बाद मुगल सेना के सिपाहियों ने डाकू दुल्ला भट्टी को चारों ओर से घेर लिया। दोनों ओर से जमकर लड़ाई हुई और अंत में दुल्ला भट्टी मारा। तभी से ये घटना प्रेम और भाईचारे का प्रतीक बन गई कि दुल्ले ने अपनी बहन की शादी में जान तक दे दी। इस प्रसंग के उपलक्ष्य में ही लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है।


एक टिप्पणी भेजें

बनारसी साड़ियाँ खरीदें केवल - Laethnic.com/sarees

योगदानकर्ता

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget