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साइकिल बने अनिवार्य

यदि केंद्र कानून बनाकर लोगों तथा अन्य सरकारी कर्मियों के लिए यह अनिवार्य कर दे कि सप्ताह में किसी भी निर्धारित तिथि को एक से दो दिन ( खास परिस्थितियों व आवश्यक सेवाओं को छोड़कर ) साइकिल चलाना अनिवार्य है, तो अर्थव्यवस्था व सेहत में सुधार के अलावा प्रदूषण में कमी का भी एहसास हो सकता है। जब मोटर वाहनों का परिचालन कम होगा, तो पेट्रोलियम ईंधन की खपत भी कम होगी, जिससे वातावरण में विषैले रासायनिक धुएं का मिश्रण भी कम होगा।

साइकिल बने अनिवार्य
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नोटबंदी एकमात्र विकल्प नहीं है। बहुत सारे तरीके हैं, जिनसे अर्थव्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार लाया जा सकता है। यदि केंद्र कानून बनाकर लोगों तथा अन्य सरकारी कर्मियों के लिए यह अनिवार्य कर दे कि सप्ताह में किसी भी निर्धारित तिथि को एक से दो दिन ( खास परिस्थितियों व आवश्यक सेवाओं को छोड़कर ) साइकिल चलाना अनिवार्य है, तो अर्थव्यवस्था व सेहत में सुधार के अलावा प्रदूषण में कमी का भी एहसास हो सकता है। जब मोटर वाहनों का परिचालन कम होगा, तो पेट्रोलियम ईंधन की खपत भी कम होगी, जिससे वातावरण में विषैले रासायनिक धुएं का मिश्रण भी कम होगा।

~ नवेन्दु नवीन, मुजफ्फरपुर, बिहार
ईमेल - navin.navendu@yahoo.com
साभार - हिन्दुस्तान | मेल बॉक्स | मुरादाबाद | शनिवार 17 दिसंबर 2016 । पेज संख्या - 12

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