शिक्षक वह जो अच्छे नागरिक तैयार करे - डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

शिक्षक वह जो अच्छे नागरिक तैयार करे - डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जिनके जन्मदिवस को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं, शिक्षकों व छात्रों को दिया गया उनका संदेश:

जिनके जन्मदिवस को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं, शिक्षकों व छात्रों को दिया गया उनका संदेश:

चित्र साभार - Free Press Journal
आप भाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र भारत में रह रहे हैं, जिसे अपने विकास के लिए हर उस सक्षम नागरिक की जरूरत है, जो इस देश की सेवा बिना किसी व्यक्तिगत लोभ-लालच से कर सके। मैं जानता हूं कि यह कहना बहुत आसान है कि कर्म ही पुरस्कार है, मगर जो परिश्रम करते हैं, उन्हें इतना जरूर मिलना चाहिए कि वे जीवित रह सकें। और अगर उनका काम संतोषप्रद है, तो उन्हें आरामदेह जीवन मिलना ही चाहिए। हमारी सरकारों (केंद्र व प्रांतीय) को ऐसी प्रक्रियाएं जल्दी ईजाद करनी चाहिए कि सभी प्रतिभाओं को रोजगार मिल सके। अगर हम अपने शिक्षित युवा को रोजगार देने में विफल रहे, तो वे अपना संतुलन खो सकते हैं, उनका विश्वास मौजूदा अर्थव्यवस्था से उठ सकता है। पूर्ण रोजगार व सामाजिक सुरक्षा आज के लोकतंत्र की असली महक है। कलिंग के शिलालेख में अशोक ने लिखा भी है, ‘पूरी प्रजा मेरी संतान है। मैं अपनी संतान के लिए जिस तरह इहलोक व परलोक में सभी प्रकार की सुख-सुविधाओं की कामना करता हूं, उसी प्रकार मैं अपने समस्त प्रजा के लिए भी यही कामना रखता हूं।’

कोई भी शिक्षक अपने छात्रों को तब तक प्रोत्साहित नहीं कर सकता या उनका सम्मान नहीं पा सकता, जब तक कि वह खुद ज्ञान की सीमाओं का विस्तार करने में रुचि नहीं रखता। छात्रों को पढ़ाना खुद के पढ़ने जैसा ही है। छात्रों को नए-नए सवाल पूछने के लिए उत्साहित करना किसी दुर्लभ उपहार से कम नहीं। एक विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा ऐसे शिक्षकों से ही होती है। सरकार ऐसे उपायों पर विचार कर रही है, जिनसे विश्वविद्यालयों की स्थिति बेहतर बन सके। वह स्थितियां बेहतर बनाने और शिक्षकों के वेतन सुधारने में लगी हुई है। मगर वैसे शिक्षकों पर कतई विचार नहीं होना चाहिए, जो अध्यापन पर ध्यान नहीं देते और अपने छात्रों में बौद्धिकता व नैतिकता के विकास को लेकर उदासीन रहते हैं। अकादमिक रुझान से दूर केवल विश्वविद्यालय प्रशासन में सत्ता और रसूख पाने की कामना रखने वाले शिक्षक गुटबाजी व तरह-तरह के षड्यंत्र रचते रहते हैं। गुटबाजी हमारे सार्वजनिक जीवन में एक अभिशाप की तरह है। इसलिए अतिरिक्त सावधानी के साथ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों का चयन होना चाहिए। और एक बार जब उन्हें नियुक्त कर लिया जाए, तो फिर उनकी गरिमा और सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए।

हम विश्वविद्यालयों से भी यह उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे नागरिक तैयार करें, जो घृणा, द्वेष, आलस्य, अविश्वास और वर्चस्व की भावना से दूर हों। ये बुराइयां हमारी राष्ट्रीय ताकत को कमजोर बनाती हैं और हमारे कुछ नेता इन्हें आमतौर पर बढ़ाने का ही काम करते हैं। हम अपने देश को वास्तविक लोकतंत्र बनाने का प्रयास करना चाहिए; बिल्कुल एक बड़े परिवार की तरह, जिसके हर सदस्य का व्यक्तित्व बेशक अलग-अलग हो, मगर उनका दिल एक हो।

- सर्वपल्ली राधाकृष्णन, पूर्व राष्ट्रपति

साभार - हिन्दुस्तान | नजरिया | पेज सं. 12 | 5 सितंबर, 2016

COMMENTS

BLOGGER: 3
Loading...
नाम

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस,1,अटल बिहारी वाजपेयी,2,अमर उजाला,5,अशोक वाजपेयी,2,इतिहास,2,इसरो,1,एक साल,1,ओसामा मंजर,1,कविता,21,कहानी,2,कैलाश वाजपेयी,1,क्षुद्रग्रह,1,गोपालदास 'नीरज',1,जन्म दिवस,8,जयप्रकाश भारती,1,जयशंकर प्रसाद,1,जल संकट,1,जानकारी,1,ज्ञानेन्द्र रावत,1,टिप्पणी,11,डेली मिरर,1,डॉ . हरिवंश राय 'बच्चन',1,डॉ. रवींद्र चतुर्वेदी,1,डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन,1,तरुण विजय,1,तीज-त्यौहार,1,त्रिलोचन,2,दीपावली,1,नमस्कार,1,नरेंद्र मोदी,1,नववर्ष,1,निबन्ध,2,नेताजी सुभाष चंद्र बोस,1,नेताजी सुभाषचंद्र बोस,1,पत्र,3,प्रधानमंत्री,1,प्रभा मजूमदार,1,प्रयाग शुक्ल,1,प्रेरक प्रसंग,1,प्रेरक विचार,1,प्रेरक-प्रसंग,1,प्रेरणादायक लेख,2,बॉक्सिंग डे,1,भगत सिंह,3,भगवान बुद्ध,1,भाई दूज,1,भारत,3,भारतेन्दु हरिश्चन्द्र,3,मंगलयान,1,मनोज बाजपेयी,1,महादेवी वर्मा,1,मार्स ऑर्बिटर मिशन,1,मास्टर रामकुमार,1,मुकेश पाण्डेय 'चन्दन',1,मैथिलीशरण गुप्त,1,यश,1,राजीव कटारा,1,राजीव सक्सेना,1,रामधारी सिंह 'दिनकर',1,राममोहन पाठक,1,रिपोर्ताज,1,लेख,15,लोहड़ी,1,विदेशी अखबार से,2,विनोबा भावे,1,विशेष,16,विश्व हिंदी सम्मेलन,1,विश्व हिन्दी दिवस,2,विश्व हिन्दी दिवस सप्ताह सम्मेलन-2016,1,वैज्ञानिक लेख,1,व्यंग्य,1,शिक्षक दिवस,1,शुभारंभ,1,श्री अरविन्द घोष,1,श्रीलंका,1,संकल्प,1,संपादकीय,1,संस्मरण,1,सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय',1,समाज,2,सरदार वल्लभ भाई पटेल,1,साभार,26,सामान्य ज्ञान,2,सियारामशरण गुप्त,1,सुमित्रानन्दन पन्त,2,सूर्यकान्त त्रिपाठी ' निराला ',1,स्वागत,1,हर्ष,26,हिन्दी,12,हिन्दी चिट्ठा,15,हिन्दी दिवस,2,हिन्दुस्तान दैनिक,19,हिन्दुस्तान संपादकीय,2,हूबनाथ,1,हेमेन्द्र मिश्र,3,
ltr
item
हिन्दी चिट्ठा : शिक्षक वह जो अच्छे नागरिक तैयार करे - डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
शिक्षक वह जो अच्छे नागरिक तैयार करे - डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
शिक्षक वह जो अच्छे नागरिक तैयार करे - डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जिनके जन्मदिवस को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं, शिक्षकों व छात्रों को दिया गया उनका संदेश:
https://1.bp.blogspot.com/-34g49diIkNk/W5Ai_52iAEI/AAAAAAAAEPg/24Zkp2Lr-b4viaGI16WmwXTp_Oh0Rn2qQCLcBGAs/s400/sarvepalli-radhakrishnan.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-34g49diIkNk/W5Ai_52iAEI/AAAAAAAAEPg/24Zkp2Lr-b4viaGI16WmwXTp_Oh0Rn2qQCLcBGAs/s72-c/sarvepalli-radhakrishnan.jpg
हिन्दी चिट्ठा
https://www.hindichittha.com/2018/09/shikshak-vah-jo-achhe-nagrik-taiyar-kare-sarvepalli-radhakrishnan.html
https://www.hindichittha.com/
https://www.hindichittha.com/
https://www.hindichittha.com/2018/09/shikshak-vah-jo-achhe-nagrik-taiyar-kare-sarvepalli-radhakrishnan.html
true
1774022179531435779
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy